Putting all her experience Serena Williams will look to confirm her place in the finals and win it too. The star positions are favouring her too and she should definitely win.
महर्षि पराशर ने नक्षत्रों पर आधारित, लगभग 54 प्रकार की दशाओं का वर्णन किया है ,जिसने विंशोत्तरी दशा और षोडशोत्तरी दशा भी है । विंशोत्तरी दशा की शुरूआत के लिए पराशर कहते हैं "कृतिका नक्षत्र से गणना करनी चाहिए " अर्थात् सूर्य से शुरूआत । परन्तु व्यवहार में शुरुआती गणना की जाती है अश्विनी नक्षत्र से ,अर्थात् केतु से । षोडशोत्तरी दशा भी नक्षत्रों पर आधारित दशा है, लेकिन नक्षत्रों और उनपर आधारित दशा में मेल नहीं है । उदाहरण के लिए, अगर किसी का जन्म उत्तर अषाढ़ नक्षत्र में हुआ है तो दशा की शुरूआत चंद्र से होता है । अब यहाँ कैसे मेल करें ?? उत्तर अषाढ़, सूर्य का नक्षत्र है ,पर दशा कहता है चंद्र का ?? इसी तरह, अगर किसी का जन्म कृतिका नक्षत्र में हुआ है तो दशा की शुरूआत बुध से होता है । अब यहाँ कैसे मेल करें ?? कृतिका , सूर्य का नक्षत्र है ,पर दशा कहता है बुध का ?? जरूरत है वापस मुड़ने का.. सही इतिहास को जानने का.. निज शोध का..
राव सर जब भगवान राम की कुंडली की चर्चा कर रहे थे उसमें उन्होंने माँ सीता के अपहरण और विन्द मुहूर्त की चर्चा की थी। बाल्मीकी रामायण में जटायु ने कहा - येन याति मुहूर्तेन सीतामादाय रावण: । विप्रणष्टं धनं क्षिप्रं तत्स्वामी प्रतिपद्धते ।। विन्दो नाम मुहूर्तो$सौ न च काकुत्स्थ सो$बुधत । क्या है यह विन्द मुहूर्त ?? एक मुहूर्त माने दो घटी अर्थात् 48 मिनट ।दिन में पंद्रह मुहूर्त होते हैं।इनमें ग्यारहवाँ मुहूर्त विन्द मुहूर्त कहलाता है। इस मुहूर्त में अपहृत वस्तु उसके स्वामी को अवश्य प्राप्त होती है।
रामचरितमानस के माध्यम से ज्योतिषशास्त्र को समझने का एक और प्रयास - " ससि केसरी गगन बन चारी । मारेउ राहु ससिहिं कह कोई। । उर महँ परी स्यामता सोई ।। कोउ कह बिधि रति मुख कीन्हा । सार भाग ससि कर हर लीन्हा ।। " ससि - चंद्रमा केसरी - सिंह राहु उर - chest area स्यामता - काला ध्ब्बा रति - शुक्र हर - क्षय अर्थात् हम कह सकते हैं कि सिंह राशि में चंद्र और राहु का साथ हो या चंद्र,राहु,शुक्र का साथ हो तो क्षय रोग या फेफड़े से संबंधित बीमारियाँ हो सकती हैं ।
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