RAMCHARITMANAS

रामचरितमानस के आधार पर ज्योतिषशास्त्र को समझने का एक और प्रयास ...
" पयोधि रमा सी " क्षीरसागर और लक्ष्मी जी की चर्चा ...
क्षीरसागर में भगवान विष्णु शेषनाग पर आराम करते हुए और लक्ष्मी जी उनके चरणों में।
अब लक्ष्मी जी की पैदाइश ही क्षीरसागर से हुई है तो कायदे साथ उन्हें भगवान विष्णु के साथ अपने ससुराल में होना चाहिए पर वे है अपने मायके में ।
क्षीर ( चंद्र ) , सागर ( जल तत्व ) , भगवान विष्णु (बुध ) लक्ष्मी ( शुक्र ),शेषनाग ( केतु )
क्या हम कह सकते हैं कि जल तत्व राशि में जब बुध ,चंद्र ,केतु और शुक्र का योग हो तो ऐसी कन्या विवाह के बाद ससुराल में नहीं रहेगी।पति के साथ ससुराल से अलग हो जाएगी।

Comments

Popular posts from this blog

विन्द्य मुहूर्त

रामचरितमानस में निहित ज्योतिष

PREGNANCY/CONCEPTION/CHILD BIRTH [Medical science V/s Astrology]