कहीं अति वर्षा तो कहीं सूखे की स्थिति ।

पर्यावरण दिवस पर वृक्ष लगाए जाएं, पर ये वृक्ष पर्यावरण को बचाने में भागीदार तब हो सकेंगे, जब खुद बच पाएंगे अर्थात् इन्हे समुचित मात्रा में जल द्वारा सींचा जाएगा ।क्या कहते हैं मेघ ??
29 मार्च को ग्रहों ने, मौसम विभाग द्वारा ,अच्छे मौनसून की खबर के बाद, मौसम विभाग की सूचना से पूर्ण रूप से तो नहीं पर आंशिक रूप से अपनी असहमति जताते हुए कहा था कि, मौसम विभाग ने अच्छे मौनसून का संकेत दिया है, पर ग्रहों के संकेत तो कुछ और है ।
ग्रहों के अनुसार इस साल, बारिश के काफी erratic होने का संकेत । जिस जगह पर उम्मीद न हो,वहाँ बारिश, कहीं अति वर्षा तो कहीं सूखे की स्थिति ।11 जून तक आँधी और तूफान की स्थिति । 26/27 जून, 30 जून 1/2 जुलाई, 10 से 15 जुलाई तेज बारिश का संकेत ।8 अगस्त तक बारिश का मिजाज काफी असंतुलित ।
जैसा कि हम पहले भी चर्चा कर चुके हैं कि, बारिश की यह स्थिति तभी फलीभूत होगी ,जब इन्हे हवाओं का सहयोग मिलेगा । जहाँ जहाँ ये सहयोग होगा, तेज बारिश का संकेत ।
दिल्ली में फिलहाल तो हवाओं का सहयोग नही । मुश्किल से कुछ समय के लिए हवा का रुख बदलता है ।वरुण देव से प्रार्थना की अपना रुख बदलें और जेठ की इस गर्मी से हमे राहत प्रदान करें ।

जरूरत है, मौसम विज्ञान और ज्योतिष विज्ञान को साथ मिलकर एक मंच पर आकर काम करने का..
अल्प वृष्टि और अति वृष्टि वाले जगहों की पहचान करने का..
खेतीहरों की मदद करने का..

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