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व्यवसाय/ Career और गज केसरी योग

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कोट चक्र ..एक नया आयाम

RE(VISIT).. RE(SEARCH).. RE(INTERPRET)..  https://www.facebook.com/1768738549/posts/10204034356177066/  इस पोस्ट में मैंने रामचरितमानस और धनुराकार कोट चक्र की चर्चा की है .. रामचरितमानस के सुंदरकांड का वह छंद जो इसका सूत्रपात करता है वह है .. " कनक कोट विचित्र मनि कृत सुंदरायतना घना । चउहट्ट हट्ट सुबट्ट बीथीं चारू पुर बहु बिधि बना ।। गज बाजि खच्चर निकर पदचर रथ बरूथह्नि को गनै ।  बहुरूप निसिचर जूथ अतिबल सेन बरनत नहि बनै ।।"  यह हमें कोट चक्र का निर्माण कैसे किया जाए इसका सूत्र पकड़ाता है .. इसी में जब आगे बढ़ते हैं तब हमें इस कोट में प्रवेश का मार्ग दक्षिण दिशा से होगा यह संकेत मिलता है। प्रवेश का आधार चंद्र राशि नहीं बल्कि नक्षत्र होगा इसको यह कहकर समझाया .. " मसक समान रूप कपि धरौं ..."  दुर्ग में प्रवेश के बाद कितने प्रकार की सेनाओं से हमारा सामना होगा उसके बारे में संकेत देते हुए यह कहता है .. "गज बाजि खच्चर निकर पदचर .." अपने अपने रूप से मोहित करने का जिम्मा .. "नर नाग सुर गंधर्व कन्या .."  अनेक दांव पेंच से एक दूसरे को लल...

ग्रहण ,सत्य और भ्रम

एक महीने में दो ग्रहण ..एक सूर्य ग्रहण और एक चंद्र ग्रहण ( visible in USA )..  गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान कमरे के भीतर रहने की सलाह दी जाती है ..कहा जाता है कि इस समय वे ग्रहण को देखेंगी तो जन्म लेने वाला बच्चा खंड तालू ( cleft palate )लेकर पैदा होगा ..  क्या है cleft palate ..  Medically.." if someone has a cleft palate , they were born with a narrow opening along the roof of their mouth which makes it difficult for them to speak properly "  शास्त्र कहता है कि गर्भ धारण करने के सातवें/आठवें सप्ताह के दौरान ही cleft palate का निर्माण होता है।  Astrologically ..शास्त्रीय आधार हमें सूर्य और बृहस्पति के साथ द्वितीय भाव और छठे भाव की भूमिका की जांच करने की सलाह देता है।  गर्भ धारण के तीसरे महीने में पुंसवन संस्कार किया जाता है। शास्त्रों के अनुसार इस समय में बृहष्पति की भूमिका अहम हो जाती है। इसी समय शास्त्र कुछ खास नक्षत्रों में तैयार किए गए आयुर्वेदिक उपचार से गर्भस्थ शिशु के लिंग परिवर्तन की विधि बतलाता है । अर्थात् गर्भ धारण किए तीस...

कैसे पाएं संतान सुख

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अप्रत्याशित और अराजक स्थिति

Youtube से लेकर facebook तक हर जगह नरेन्द्र मोदी जी की कुंडली की चर्चा की जा रही है। हर कोई कह रहा है कि यह कुंडली बहुत ही विश्वसनीय सूत्र से प्राप्त हुआ है। कोई कोई तो यह भी कह रहे हैं कि खुद मोदी जी ने दिया है .. वृश्चिक लग्न और तुला लग्न के कुंडली की चर्चा हर कोई कर रहे हैं। जहाँ तक वृश्चिक लग्न के कुंडली की बात है उसकी चर्चा करते वक्त लोग यह देखना कैसे भूल जाते हैं कि यह एक मनोरोगी की कुंडली है। इसलिए यह मोदी जी की कुंडली नही हो सकती।  तुला लग्न के कुंडली में शादी और संतान दोनों दिखाई देते हैं इसलिए यह भी मोदी जी की कुंडली नही हो सकती।  दिन रात गलत कुंडली पर चर्चा करके दिशा से भटके नही ..  सही दिशा,सही राह पर चलना है और यह चर्चा करना है कि भाजपा की स्थिति 2014 के मुकाबले कमजोर हो रही है तो सहयोगियों की मदद से बनने वाली सरकार में क्या प्रधानमंत्री मोदी जी फिर से प्रधानमंत्री रहेंगे ?? यह देखना कोई आसान काम नहीं है क्योंकि इसके लिए बहुत सारे data चाहिए ..  ग्रहों ने हमें पहले ही अप्रत्याशित गठबंधन और उससे भी ज्यादा अप्रत्याशित परिणाम का संकेत दिया है .. ...

लोकसभा चुनाव '2019

एक प्रयास ..  Lok Sabha Election '2019 लोकसभा चुनाव के बारे में ग्रहों ने हमें 2015/2016 में ही यह संकेत दिया है कि BJP और CONGRESS मे से किसकी सरकार और कैसी सरकार।  आज यहाँ चर्चा सात चरणों में होने वाले चुनाव के मद्देनजर ..  BJP V/S CONGRESS  Phase 1,2,3 & 4 BJP के पक्ष में कांग्रेस के मुकाबले ज्यादा मत ।  Phase 5 & 6 BJP की स्थिति कांग्रेस के मुकाबले कमजोर  Phase 7 50:50 अर्थात् BJP और CONGRESS दोनों के लिए ही समान परन्तु इसी समय JUPITER ( बृहष्पति) का ज्येष्ठा नक्षत्र में होना और MERCURY (बुध)का कृतिका में होना ..Advantage BJP  23 तारीख को दोपहर एक बजे के बाद शुरूआती रुझानों में तेजी से बदलाव..

Pakistan/America/China

#ग्रहों के साथ युद्ध से परे कुछ चर्चा .. ( Pakistan/China / America..tantalising triangle ) पाकिस्तान ..अभी इसकी आर्थिक स्थिति अच्छी नही । 2014 से ही ,भरसक प्रयत्नों के बावजूद आर्थिक पायदान पर नीचे खिसकना जारी । आर्थिक स्थिति सुधरे,इसके लिए इमरान खान कोई भी जगह गुहार लगाने से नही चूक रहे हैं ।चाहे वह IMF हो,ADB हो,सउदी अरब हो,चीन हो या अमेरिका ।अफगानिस्तान में मदद के नाम पर अमेरिका को झांसे में रखते हैं तो देश के भीतर आतंकवादी के प्रवेश को रोकने के नाम पर चीन को झांसे में रखते हैं । 2026 से पहले आर्थिक स्थिति में आमूलचूल सुधार का संंकेत नही .. China.. ग्रहों ने पहले भी संकेत दिया है ..चीन के आर्थिक तेजी पर लगाम लगने का .. 2019/20 पूरी तरह से अर्थ को केंद्र में रखकर घूमता हुआ ।हालांकि किसी revilution का संंकेत नही है लेकिन economy sustain करने की कोशिश में अराजक स्थिति बनने का संकेत .. America ..आंतरिक अस्थिरता से जूझता देश..इससे विश्व का ध्यान बंटाने के लिए पहले से कहीं ज्यादा षडयंत्रकारी होने का संकेत .. सभी जानते हैं कि Trump के खिलाफ एक prominent lobby सबूत इकट्ठा करने में ...

लोकसभा चुनाव 2019

जिस प्रकार हर काल की अपनी गति होती है अपनी अपनी पद्धति होती है ।उसी तरह हर चुनाव की भी अपनी गति और पद्धति होती है । लोकसभा चुनाव दस्तक देने को है फरवरी 2018 में जब समय से पहले लोकसभा चुनाव कराए जाने की बात की जा रही थी तब मार्च 2018 में ग्रहों ने हमें ऐसा नही होने का संकेत दिया था .. अब क्या कहते हैं ग्रह ..  22 मार्च के बाद कभी भी चुनाव कराए जाने का संकेत । 11अप्रैल से 15 मई के बीच चुनाव कराए जाने का संकेत .. 17 मई 1991 में कुछ ग्रहों का योग बना था उस तरह के योग की पुनरावृत्ति 8 मई और 19 मई को ।फर्क इतना कि तब वहाँ राहु का खेल चला अब यहाँ केतु का खेल चलेगा। घातक षड्यंत्र,रक्तपात और वरिष्ठ नेताओं के ऊपर घातक प्रहार ,अराजक स्थिति और अपहरण की स्थिति । कल्पना से परे राजनैतिक परिवर्तन का संंकेत .. चुनावी उथल पुथल के बीच ,बिहार ,उत्तर प्रदेश और मध्य भारत में प्राकृतिक उथल पुथल का संकेत ... सात/ आठ मई को बिहार ,उत्तर प्रदेश और मध्य भारत में प्राकृतिक आपदा का संंकेत .. 20 मई को अस्थिर बाजार का संकेत ...

6 दिसंबर

भगवान राम का स्थूल रूप जल समाधि लेकर सूक्ष्म हुआ ।सूक्ष्म होकर हर दिल में वास लिया ।सही है, अग्नि को जल से ही शांत किया जा सकता है । अब हम क्या कर रहे हैं  ?? हम अपने दिल में राम का वास नहीं चाहते हम तो पत्थर की चाह रखते हैं हमें सूक्ष्मता समझ नही आती हम अंतर्मुखी नही हो सकते हमें राम हिय में नहीं बल्कि सामने चाहिए पत्थर रूप में पाषाण प्रिय हम.. तभी तो हमने 6  दिसंबर को गजब ढा़या कल फिर 6 दिसंबर है ऐसे में जब JNU की archeology. की प्रोफेसर सुप्रिया वर्मा ने कहा है कि  " there is no evidence of a temple under the babri masjid, just older mosque " . साथ ही वे ये भी कहती हैं कि even today, there is no archeological evidence that there was a temple under the babri masjid. क्या कहते हैं ग्रह ... मंगल का शनि , राहु और शुक्र के साथ बहुत नजदीकी संबंध बना हुआ है जिसे सूर्य और चन्द्र का समर्थन मिल रहा है ।इस नजदीकी को बुध का भी सहयोग है पर मंगल तक पहुंचने के लिए वह शनि और राहु का सहारा ले रहा है ।वृषभ राशि जहाँ मंगल से दृष्ट है वहीं मकर राशि ,राहु /केतु अक्ष मे है। ...

RECESSION / DEPRESSION ??

ARE WE HEADED FOR ANOTHER RECESSION OR WILL IT BE A DEPRESSION THIS TIME? The Great Depression was a worldwide economic depression that lasted 10 years. Its kickoff was “Black Thursday," October 24, 1929. That's when traders sold 12.9 million shares of stock in one day, triple the usual amount. Over the next four days, stock prices fell 23 percent in the stock market crash of 1929. We witnessed another great recession but thankfully not a depression in 2008. The Great Recession, which officially lasted from December 2007 to June 2009—began with the bursting of an 8 trillion dollar housing bubble.  The resulting loss of wealth led to sharp cutbacks in consumer spending.  This loss of consumption, combined with the financial market chaos triggered by the bursting of the bubble, also led to a collapse in business investment. As consumer spending and business investment dried up, massive job loss followed.  In 2008 and 2009, the U.S. labour market lost 8.4 million jobs,...

SIMPLE ASTROLOGY

आज के समाचारपत्रों में छापी जाने वाली ख़बरों में से दो खबर महत्वपूर्ण हैं . चीन और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और दक्षिणी कोरिया के राष्ट्रपति का उत्तर कोरिया से अपने संबंधों को सुधारे जाने की दिशा में एक कदम उठाए जाने की खबर . महत्वपूर्ण खबर इसलिए की जहाँ एक तरफ उत्तर कोरिया को चीन और रूस का सह मिला हुआ है वहीँ दक्षिण कोरिया को अमेरिका का . अर्थात परोक्ष या अपरोक्ष रूप से खेल जो दिख रहा है वो नहीं है .खेल महाशक्तियों के चंगुल से खुद को निकाले जाने का है.एक तरफ जहाँ अमेरिका और च ीन के बीच व्यापार को लेकर आपसी टकराहट बढ़ती जा रही है वहीँ दूसरी ओर इन दोनों का हस्तक्षेप पूरे एशिया में बना हुआ है. ऐसे में भारत, जो की एक उभरती हुई महत्वपूर्ण शक्ति (साल 2012 से इसकी शुरुआत हुई है ) है , की तरफ सबका ध्यान बरबस ही जाता है . महाशक्तियों के बीच इस बनते बिगड़ते समीकरणों के बीच , निकट भविष्य में क्या भारत की स्थिति इतनी मजबूत होगी की वह विश्वशक्ति भी बने और क्रम से किसी भी विश्वशक्ति के साथ अपनी शर्तो पर सौदेबाजी कर सके ?? कुछ समय पहले ग्रहों ने हमें 2018 में नेपाल और बांग्लादेश की गतिविधियों पर नज़...

ज्योतिषशास्त्र

उपनिषद् उप- close नि - vaccum षद्- sit अर्थात् ,बाहरी उपद्रव वाले बिंदूओं को बंद करके ,भीतर से खाली होकर बैठ जाना। इसके बाद ही हम सही मायनों में सृजनशील हो सकते हैं .. निर्माण कर सकते हैं .. जरूरत है एक एक शब्दों के सही अर्थ तक जाने का  .. एक शब्द बाजश्रवा बाज शब्द के कई मायने बाज..पक्षी बाज..बोलना और बाज का मतलब अनाज भी । श्रव - दान देने से दानदाता को जो कीर्ति मिलती है उसे श्रव कहते हैं । इसलिए यहां बाज का मतलब होगा अनाज । ज्योतिषशास्त्र के रहस्यों को उजागर करने में उपनिषद का मार्गदर्शन .. ज्योतिषशास्त्र के सही स्वरुप से लोगों का साक्षात्कार कराना है तो हमें गहराइ में गोता लगाना होगा । एक एक पहलू के विभिन्न आयामों से मिलना होगा । एक छोटा सा उदाहरण.. ज्योतिष में सूर्य और चन्द्र के अलावे जब दो ग्रहों के बीच नजदीकी बढती है तो उसे ग्रहों का ग्रह युद्ध में जाना कहा जाता है ,(जब दोनों ग्रहों के बीच की नजदीकी 1* रहे )।ज्योतिषशास्त्र के पुस्तकों ने ग्रह युद्ध के बारे में इससे आगे कोई चर्चा नहीं की है । जरूरत है इसकी गूढ़ता को समझने का .. अद्भुत है यह पाँच प्रकार की...

एक प्रयास..

ग्रहों के संकेत .. प्रकृति का असंतुलित होना .. 27 अगस्त 26 सितंबर 9 अक्टूबर 8 दिसंबर 27 अगस्त ,बारिश के पुनः रफ्तार पकड़ने का संकेत ।गुजरात ,राजस्थान ,बिहार,मध्य प्रदेश पाकिस्तान 26 सितंबर को प्रकृति के असंतुलन के साथ साथ राजनैतिक  अराजकता  एवं हिंसक और विस्फोटक गतिविधियो की भी स्थिति .. 29 अक्टूबर को प्रकृति के असंतुलन के साथ साथ हवाई दुर्घटना की भी स्थिति .. 8 दिसंबर को ऐसा भूकंप जो सुनामी लाए । क्या फिर से Indian Ocean ?? या उत्तरी भारत बिहार / नेपाल ..

ज्योतिष.. एक प्रयास

 भारत ही नही बल्कि वैश्विक परिदृश्य में भी दुर्घटनाओं और हिंसक गतिविधियों को हवा देने वाले कुछ महीनों और दिनों के संकेत, ग्रहों के द्वारा.. 2 अगस्त /   18 अगस्त 6 सितंबर 27 अक्टूबर 17 नवंबर / 22 नवंबर 6 दिसंबर 2019 13/14 फरवरी ,6/7/8,29 मार्च , 5/12  मई 13/14  जुलाई मार्च का अंतिम सप्ताह ,अप्रैल का महीना ,13/14/15 july एवं 1 अगस्त  2019 मौसम में बहुत ज्यादा उथल पुथल के साथ ही साथ भूकंप की स्थिति भी तैयार कर रहे हैं ।

असंतुलित प्रकृति

भारत ही नही बल्कि वैश्विक परिदृश्य में ,आने वाले कुछ महीने ,प्रकृति के  असंतुलित होने की स्थिति बना रहे हैं .. तूफान और तेज बारिश की स्थिति तैयार हो रही है  जगह पर  प्रयास जारी है.. भारत में ..शायद .. बिहार/ नेपाल / northeast भाग/भारत का वह हिस्सा जो चीन से लगा हो .. कुछ  महीना और दिन जो 2018 में ,असंतुलन की भूमिका तैयार कर रहे हैं वह हैं.. 1/4/11/16 August 6/11/12/16 October, 7/8/10/11 November, 6/7 December 2019 की शुरुआत में ही प्रकृति के असंतुलित होने का संकेत.. 7-January- 2019 अप्रैल का अंतिम सप्ताह और मई का पहला सप्ताह चक्रवातीय तूफान की स्थिति तैयार कर रहे हैं जुलाई महीने के दूसरे सप्ताह से अच्छी बारिश के साथ साथ 26 से 31 जुलाई के बीच तेज हवा, भारी बारिश और बादल फटने की स्थिति तैयार हो रही है 11 अक्टूबर को अग्नि भय के साथ साथ सत्ताधीशों के बीच परस्पर मतभेद, युद्ध जैसी स्थिति भी तैयार होने का संकेत.. 12 अक्टूबर को सुबह 4:30 बजे का समय प्रकृति के असंतुलन के लिए अनुकूल..

एक ज्योतिषीय प्रयास  ...

देश की आंतरिक अस्थिरता, बाजार  और मौसम के हर रोज बदलते मिजाज के संकेत तो ग्रहों ने हमे पहले ही दे दिया है ,अब देश की आंतरिक अस्थिरता को लेकर कुछ sensitive समय का संकेत दिया है ग्रहों ने... 1- 25 जून रात आठ बजे से 26 जून सुबह चार बजे का समय ।   2 - 26 जून शाम छ: बजे से  27 जून  शाम आठ बजे का समय । 3 - 30 जून दोपहर एक बजे से रात के नौ बजे का समय । 4 - 2 जुलाई सुबह तीन बजे से ग्यारह बजे का समय । जगह.. सौराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली

Observational Research

महर्षि पराशर ने नक्षत्रों पर आधारित, लगभग 54 प्रकार की दशाओं का वर्णन किया है ,जिसने विंशोत्तरी दशा और षोडशोत्तरी दशा भी है । विंशोत्तरी दशा की शुरूआत के लिए पराशर कहते हैं "कृतिका नक्षत्र से गणना करनी चाहिए " अर्थात् सूर्य से शुरूआत । परन्तु व्यवहार में शुरुआती गणना की जाती है अश्विनी नक्षत्र से ,अर्थात् केतु से । षोडशोत्तरी दशा भी नक्षत्रों पर आधारित दशा है, लेकिन नक्षत्रों और उनपर आधारित दशा में मेल नहीं है । उदाहरण के लिए, अगर किसी का जन्म उत्तर अषाढ़ नक्षत्र में हुआ है तो दशा की शुरूआत चंद्र से होता है । अब यहाँ कैसे मेल करें ?? उत्तर अषाढ़, सूर्य का नक्षत्र है ,पर दशा कहता है चंद्र का ?? इसी तरह, अगर किसी का जन्म कृतिका नक्षत्र में हुआ है तो दशा की शुरूआत बुध से होता है । अब यहाँ कैसे मेल करें ?? कृतिका , सूर्य का नक्षत्र है ,पर दशा कहता है बुध का ?? जरूरत है वापस मुड़ने का.. सही इतिहास को जानने का.. निज शोध का..

कहीं अति वर्षा तो कहीं सूखे की स्थिति ।

पर्यावरण दिवस पर वृक्ष लगाए जाएं, पर ये वृक्ष पर्यावरण को बचाने में भागीदार तब हो सकेंगे, जब खुद बच पाएंगे अर्थात् इन्हे समुचित मात्रा में जल द्वारा सींचा जाएगा ।क्या कहते हैं मेघ ?? 29 मार्च को ग्रहों ने, मौसम विभाग द्वारा ,अच्छे मौनसून की खबर के बाद, मौसम विभाग की सूचना से पूर्ण रूप से तो नहीं पर आंशिक रूप से अपनी असहमति जताते हुए कहा था कि, मौसम विभाग ने अच्छे मौनसून का संकेत दिया है, पर ग्रहों के संकेत तो कुछ और है । ग्रहों के अनुसार इस साल, बारिश के काफी erratic होने क ा संकेत । जिस जगह पर उम्मीद न हो,वहाँ बारिश, कहीं अति वर्षा तो कहीं सूखे की स्थिति ।11 जून तक आँधी और तूफान की स्थिति । 26/27 जून, 30 जून 1/2 जुलाई, 10 से 15 जुलाई तेज बारिश का संकेत ।8 अगस्त तक बारिश का मिजाज काफी असंतुलित । जैसा कि हम पहले भी चर्चा कर चुके हैं कि, बारिश की यह स्थिति तभी फलीभूत होगी ,जब इन्हे हवाओं का सहयोग मिलेगा । जहाँ जहाँ ये सहयोग होगा, तेज बारिश का संकेत । दिल्ली में फिलहाल तो हवाओं का सहयोग नही । मुश्किल से कुछ समय के लिए हवा का रुख बदलता है ।वरुण देव से प्रार्थना की अपना रुख बदलें और जेठ...

पाकिस्तान चुनाव , जुलाई 2018

ग्रहों के संकेत .. नवाज़ शरीफ की वापसी की तरफ इशारा कर रहे हैं .. PML-N and PPP coalition government..

Observational Research.. 

सप्तांश  ( D/7 ).. एक ज्योतिषीय यात्रा.. परिवर्तन से रुपांतरण तक .. पिछले दिनों सागर की चर्चा करते करते यह विचार कौंधा कि सागर में जब इतना विकार है फिर वह भगवान का शयन स्थल कैसे ??  गौर करने पर पाया कि यह सागर नहीं, क्षीर सागर है । क्षीर शब्द के आते ही सप्तांश ध्यान में आया, जहाँ सातों विभाजन को ( सम / विषम नंबर के आधार पर) एक एक नाम दिया गया है । ( मैने इन नामों तथा गुणों के आधार पर इनसे अलग अलग ग्रहों को जोड़ा है । इन दिए गए नामों के परिदृश्य में सप्तांश में न सिर्फ भौतिक स्तर पर चीजों को विश्लेषित किया है वरन् आध्यात्मिक स्तर पर भी विश्लेषित किया ।दोनों स्तर पर परिणाम अद्भुत..  सातों विभाजन के नाम एवं ग्रह निम्नलिखित हैं.. शुद्ध  जल - SUN  मद्ध  - VENUS ईक्षुरस - MERCURY घृत - JUPITER दधी - MARS क्षीर - MOON क्षार - SATURN  इनके सूक्ष्म अध्ययन से हम यह पाते हैं कि,यह हमें, भौतिक स्तर पर परिवर्तित करता हुआ आध्यात्मिक रूपान्तरण की ओर ले जाता है । परिवर्तन से रुपांतरण कैसे होगा??  आराम आराम से होगा या कष्टपूर्वक होगा ??इसका ...